मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 4 भारतीय और 1 विदेशी गिद्ध को कराया मुक्त और GPS टैग लगाकर छोड़ा गया
रिपोर्ट – कुमार राजेश रायसेन
मप्र – एक ऐसी पक्षी प्रजाति जिसका उल्लेख पुराणों एवं रामायण में मिलता है जो प्रकृति के साफ एवं स्वच्छता में अग्रणी है । जो आज विलुप्त की कगार पर है । हम बात कर रहे है गिद्ध प्रजाति की जिसे बचाने और संरक्षण का जिम्मा मप्र सरकार ने उठाया है आज 5 गिद्ददो का आजाद किया है रायसेन वन मंडल के हलाली डैम वनक्षेत्र में पांच गिद्धों को उनके प्राकृतिक आवास मे मप्र के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने छोड़ा। इनमें एक सिनेरियस और चार लॉन्ग-बिल्ड गिद्ध शामिल हैं। इन गिद्धों को प्रदेश के विभिन्न जिलों से रेस्क्यू कर उपचार और पुनर्वास के बाद मुक्त किया गया है। लगभग डेढ़ साल के सिनेरियस गिद्ध (काला गिद्ध) को 19 दिसंबर 2025 को विदिशा जिले के सिरोंज से बचाया गया था। यह प्रजाति दुनिया के सबसे बड़े उड़ने वाले पक्षियों में से एक मानी जाती है और भारत में शीतकालीन आगंतुक के रूप में देखी जाती है। बही 4 और भारतीय गिद्ददो को घायल अवस्था मे रेस्कयू किया था । आज सभी 5 गिद्ददो को स्वतंत्र वातावरण में जीपीएस टैग लगाकर छोड़ा गया है । मुख्यमंत्री ने कहा कि जटायु और सम्पाती का जिक्र पुराणों और रामायण में किया गया है ।
