बेलगाम डंपरों का कहर,बोर्ड परीक्षा देने जा रहीं छात्राओं को मारी टक्कर, तीन गंभीर सागर रेफर
रिपोर्ट – कुमार राजेश रायसेन -9425121540
मप्र – रायसेन जिले के सुल्तानगंज क्षेत्र में बेलगाम रफ्तार डंपर ने एक बार फिर प्रशासनिक लापरवाही की पोल खोल दी। करीब 8 बजे घाना कलां गांव निवासी रामराज सिंह राजपूत अपनी बेटी प्रेमवती और उसकी सहेली शिखा सेन को कक्षा दसवीं की बोर्ड परीक्षा दिलाने सुल्तानगंज शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय लेकर जा रहे थे।
सुल्तानगंज–बेगमगंज मार्ग पर बस स्टैंड के पास घाट में पीछे से तेज रफ्तार डंपर ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक समेत तीनों करीब 40 फीट दूर सड़क पर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। बाबू सेन और देवी उस्ताद की मदद से निजी वाहन द्वारा घायलों को तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां उस समय चिकित्सक मौजूद नहीं थे। ग्रामीणों द्वारा संपर्क किए जाने पर डॉ. संजय मीणा ने स्वास्थ्यकर्मियों को अस्पताल भेजा और उपचार शुरू किया। प्राथमिक उपचार के बाद तीनों को गंभीर अवस्था में सागर रेफर किया गया।
ग्रामीणों ने किया पीछा, चालक गिरफ्तार
हादसे के बाद डंपर चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया, लेकिन आक्रोशित ग्रामीणों ने करीब तीन किलोमीटर तक पीछा कर डंपर को पकड़ लिया। सूचना मिलने पर पुलिस ने चालक को हिरासत में लेकर डंपर जब्त कर थाने में खड़ा कर दिया।
बताया जा रहा है कि उक्त डंपर गैरतगंज निवासी संतोष राय का है, जिसका वाहन क्रमांक MP04HE 8588 है। जानकारी के अनुसार डंपर बेगमगंज की ओर से सिलवानी की तरफ रेत भरने जा रहा था।
बेलगाम डंपर: राहगीरों के लिए रोज बन रहा खतरा
स्थानीय लोगों का कहना है कि रेत परिवहन में लगे डंपर दिन-रात तेज रफ्तार से दौड़ते हैं। आबादी क्षेत्र, स्कूल मार्ग और बस स्टैंड जैसे संवेदनशील स्थानों पर भी गति पर कोई नियंत्रण नहीं रहता।
पिछले एक वर्ष में क्षेत्र में कई सड़क हादसे डंपरों के कारण हो चुके हैं।
कई लोगों की जान जा चुकी है, तो कई स्थायी रूप से अपंग हुए हैं।अनेक बार डंपर चालकों को नशे की हालत में वाहन चलाते देखा गया है।
स्कूल समय में भी भारी वाहनों की आवाजाही पर कोई प्रभावी रोक नहीं है।
ग्रामीण दीपक राजपूत, बाबू सेन, देवी उस्ताद आदि का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार विभागों द्वारा सख्त कार्रवाई नहीं की जाती, जिससे डंपर चालक बेखौफ होकर मनमानी करते हैं।
बड़ा सवाल: कब जागेगा प्रशासन?
बोर्ड परीक्षा देने जा रही छात्राओं के साथ हुआ यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि व्यवस्था पर बड़ा सवाल है। यदि आबादी और स्कूल क्षेत्रों में भारी वाहनों की रफ्तार नियंत्रित नहीं की गई तो ऐसे हादसे भविष्य में और बढ़ सकते हैं।
ग्रामीणों ने मांग की है कि—
स्कूल समय में भारी वाहनों की एंट्री प्रतिबंधित की जाए।
आबादी वाले क्षेत्रों में स्पीड ब्रेकर और चेतावनी संकेतक लगाए जाएं।
नशे में वाहन चलाने वालों पर सख्त कार्रवाई हो। नियमित ट्रैफिक चेकिंग अभियान चलाया जाए।
फिलहाल तीनों घायलों का इलाज सागर में जारी है और क्षेत्र में आक्रोश का माहौल बना हुआ है।

